Rajasthan: सचिन पायलट ने किरोड़ी लाल मीणा के इस्तीफे पर कसा तंज ! कह दी ये बात

मनोज तिवारी

09 Jul 2024 (अपडेटेड: Jul 9 2024 4:45 PM)

सचिन पायलट (sachin pilot) मंगलवार को देवली के भांची गांव पहुंचे. यहां ट्रैक्टर से कुचलकर मारे गए राजस्थान पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल को श्रद्धांजलि दी.

follow google news

राजस्थान (rajasthan news) के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (sachin pilot) ने किरोड़ी लाल मीणा (kirodi lal meena) के कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफे पर तंज कसते हुए राज्य सरकार पर हमला बोला है. सचिन पायलट ने कहा कि 6 महीने में ही सरकार के मंत्री इस्तीफा देने लगे हैं. सचिन पायलट ने कहा कि सरकार बजरी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी तो पुलिस का मनोबल भी टूटेगा. 

सचिन पायलट (sachin pilot) मंगलवार को देवली के भांची गांव पहुंचे. यहां ट्रैक्टर से कुचलकर मारे गए राजस्थान पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल को श्रद्धांजलि दी. सचिन पायलट ने मृतक हेड कॉन्स्टेबल के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया. परिजनों को भरपूर मदद का अश्वासन देने के साथ सचिन पायलट ने भजनलाल सरकार पर जमकर हमला बोला. 

गौरतलब है कि हेड कांस्टेबल खुशीराम के मारे जाने की घटना के बाद टोंक-भांची गांव के लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. टोंक में बजरी माफियाओं के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. साथ ही टोंक विधायक सचिन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए थे. ये वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ. इसके बाद सचिन पायलट और क्षेत्रीय सांसद हरीश चंद्र मीणा मृतक के परिवार से मिले. 

सचिन पायलट ने कहा कि मृतक हेड कॉन्स्टेबल के 3 बच्चे हैं. परिजनों की मांग है कि इनकी पढ़ाई की व्यवस्था राज्य सरकार करे. साथ आवास के साथ मृतक की पत्नी के लिए आर्थिक मदद भी सरकार करे. इसके साथ ही मृतक हेड कांस्टेबल को शहीद का दर्जा दिया जाए. सीडब्ल्यूसी मेंबर सचिन पायलट ने आगे कहा कि सरकार को संवेदनशील होकर मदद करनी चाहिए. हम विपक्ष में हैं और सदन और सदन के बाहर मांग रखेंगे. 

शिक्षा मंत्री दिलावर को पायलट ने दी नसीहत

सचिन पायलट ने राज्य के शिक्षामंत्री मदन दिलावर की बयानबाजियों पर कहा कि उन्हें 24 घंटे विपक्ष के खिलाफ बयान देने की बजाय जनता के काम पर ध्यान देना चाहिए. बहुत दिनों बाद ऐसा हो रहा है कि राज्य सरकार का बजट केंद्र सरकार के बजजट से पहले आ रहा है. राजस्थान सरकार ने अंतरिम बजट पेश किया था पर बहुत बातें उनकी अभी पूरी नहीं हो पाई हैं. सरकार में तय नहीं हो पा रहा है कि कौन क्या जिम्मेदारी संभालेगा. असमंजस की स्थिति बनी हुई है. खिंचाव है. इतने सारे सत्ता के केंद्र बन चुके हैं. अभी सरकार को महज 6-7 महीने हुए हैं.

    follow google newsfollow whatsapp